भारत में फ्लॉप कार्स की लम्बी सूची (Part 3)

सुपर फ्लॉप्स: कार्स जो भारतीय मार्किट में रहीं विफल

सभी कारें सफल होने के लिए नहीं होती। और ऐसी कुछ शानदार कारें हैं जो भारतीय मार्किट में नहीं चली और आखिरकार मार्किट से हटा ली गयीं। हमनें अपनी पहली सूची में पहले ही भारतीय मार्किट में फ्लॉप होने वाली करों के बारे में बताय और उस स्टोरी को मिले रिस्पांस के बाद अब समय है उस सूची में और कारें जोड़ने का।  

पहले ही बता दें की हम उन करों को नहीं शामिल कर रहे हैं जो अभी उपलब्ध हैं और सूची में आने के लिए बेताब हैं।  हम ऐसा नहीं करने जा रहे।  इन कारें के निर्माता अभी भी इन्हे भारतीय मार्किट में भेज रहे जबकि ये महीने में बमुश्किल एकदो बिकती हैं।  इसकी सूची हम किसी और रोज़ बनाएंगे।  

अभी के लिए CarToQ रीडर्स से मिले फीडबैक के आधार पर प्रस्तुत है सुपर फ्लॉप्स कारें की दूसरी सूची। इसमें शामिल हैं कुछ ऐसी कारें जो अभी हाल में बंद की गयीं.

चेरवोलेट फोरेस्टर (2003-2005)

Chevrolet Forester

चेरवोलेट फोरेस्टर (दुसरे मार्केट्स में सुबारू फोरेस्टर के नाम से जानी जाती है) भारत में जनरल मोटर्स द्वारा 2003 में लांच की गयी थी।  उस वक्त इसकी कीमत करीब 16 लाख थी और यह अपने वक्त से पहले आयी।  इसमें 120 बीपीएच  पावर और 178 एनएम टार्क वाला 2  लीटर का बॉक्सर (हॉरिज़ॉन्टली ओप्पोसेड पिस्टन्स) इंजन था।  इसमें 5-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन और फुलटाइम आलव्हील ड्राइव था। कार का ग्राउंड क्लीयरेंस बेहतरीन था और सेण्टर ऑफ़ ग्रेविटी काफी कम थी जिसकी वजह से आन और ऑफ़ रोड ये काफी स्पोर्टी व्हीकल था।  मगर एक पैट्रॉल असयुवी जो असल में असयुवी जैसी नहीं दिखती थी के ज्यादा खरीददार नहीं थे।  ख़राब बिक्री  की वजह से कार को 2005 में बंद कर दिया गया।  

क्यों फ्लॉप हुई : अपने वक्त से पहले, ख़राब इमेज , केवल पेट्रोल संस्करण में ख़राब फ्यूलएफिशिएंसी  साथ

मारुती सुजुकी ग्रैंड वितारा (2006-2014)

maruti grand vitara

मारुती ग्रैंड वितारा एक और पेट्रोल संस्करण वाली गाड़ी है जो एक बेहतरीन आल राउंडर है।  अगर कोई ऐसे गाडी है  होंडा सीआरवी को टक्कर दे सकती है, तो वो वितारा  है और ये होंडा सीआरवी से करीब 6 लाख रूपए सस्ती है।  फिर भी ये गाड़ी खरीददार ढूंढ़ने में सफल नहीं रही। मारुती ग्रैंड वितारा (जिसने पिछली ग्रैंड वितारा और  ग्रैंड वितारा एक्सअल-7 की जगह 6-सिलिंडर इंजन के साथ ली) रेबडगेड सुजुकी स्कुडो है जो 2006 में लांच की गयी थी।  इस गाड़ी में 164 बीपीएच  पावर और 225 एनएम टार्क वाला 2.4 लीटर का 4-सिलेंडर पेट्रोल इंजन था।  इसमें 5-स्पीड मैनुअल या 4-स्पीड आटोमेटिक ट्रांसमिशन का विकल्प था  पूर्णकालिक 4X4 हाई और लो अनुपातिक सिलेक्शन के था। ये कार अभी  हाल ही में कुछ समय से काफी काम बिक्री के कारण बंद की गयी।  

क्यों फ्लॉप हुई : कम माइलेज वाला पेट्रोल इंजन, मारुती केटेगरी में महंगा

मारुती सुजुकी किजाशी (2011-2014)

मारुती किजाशी इस कंपनी का लक्ज़री कार क्षेत्र  में पहला प्रयास था।  ग्रैंड वितारा  की ख़राब सेल्स के बावजूद उनसे मारुती किजाशी के ज़रिये हौंडा एकॉर्ड को टक्कर  देने का फैसला किया। इसकी कीमत मात्रा 18 लाख थी और चालक अनुभव अद्भुत था। इसमें आटोमेटिक और मैनुअल दोनों ट्रांसमिशन थे  और  साथ में 2.4 लीटर  इंजन।  हालाँकि आटोमेटिक ट्रांसमिशन  सीवीटी ट्रांसमिशन था।       

क्यों फ्लॉप हुई : मारुती केटेगरी में महँगी कार, कम माइलेज वाला पेट्रोल इंजन, अपर्याप्त स्नॉब  वैल्यू

टाटा इंडिगो मरीना (2004-2010)

tata-indigo-marina

टाटा की कई ऐसी करें हैं जिन्होंने कुछ ख़ास अच्छा नहीं किया है  पर कंपनी को इस बात का  क्रेडिट मिलना ही चाहिए की इसने उन क्षेत्रों में  भरपूर प्रयास  किये  जहाँ दुसरे सफल नहीं हो सके। टाटा इंडिगो मरीना एक ऐसी ही कार थी।  यह एक स्टेशन वैगन थी जो टाटा इंडिका प्लेटफार्म पर बनायीं गयी थी (इंडिका  प्लेटफार्म में हर प्रकार की बॉडी वाली करें आयीं जिसमें भारत की सबसे पहली कॉम्पैक्ट सेडान भी शामिल  है जो की अभी एक इनडिमांड सेगमेंट हैं) उस वक्त के दुसरे  स्टेशन वैगंस पहले ही फ्लॉप हो चुके थे (जैसे की मारुती बलेनो अल्तुरा, ओपल स्विंग, और फ़िएट सईएना वीकेंड) मगर 2004 में टाटा ने इस नॉनएक्सिस्टेंटिअल मार्किट में हाथ आज़माने का  फैसला किया।  कमर्शियल कैब मार्किट  में इंडिगो मरीना को कुछ ट्रैक्शन मिला मगर ये पर्याप्त मात्रा में बिक्री दर्ज़  नहीं कर सकी।  यह  2010 तक  प्रोडक्शन  में रही।  यह 1.4 लीटर पेट्रोल और 1.4 लीटर डीजल विकल्पों  में उपलब्ध थी।               

क्यों फ्लॉप हुई : पेट्रोल संस्करण में लोगों की  कम दिलचस्पी, ख़राब  इमेज, गुणवत्ता में कमी

निसान अक्सट्रेल (2009-2014)

nissan x trail

कुछ असयुविस् पूरा सही हार्डवेयर होने के बावजूद इतनी सफल नहीं होती। निसान अक्सट्रेल 2009 में लांच हुई एक ऐसी ही असयुवि है।  ये काफी स्पेसियस है और इसमें एक बेहतरीन पैनोरमिक सनरूफ है। इसमें 150 बीपीएच  पावर और 320  एनएम टार्क वाला मज़बूत 2-लीटर इंजन है ( जो की रीनॉल्ट  कोलोस में भी है) इसमें 6-स्पीड आटोमेटिक और मैनुअल ट्रांसमिशन ऑप्शन और सेलेक्टेबले आलव्हील ड्राइव है।  मगर इसकी कीमत कुछ ज़्यादा थी, ख़ास तौर पर तब  जब इसका मुक़ाबला टोयोटा फॉरचूनर जैसी कारों से था।  निसान ने 2014 में इस कार  को बंद कर दिया।       

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